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इंटर परीक्षा के पहले दिन सीवान में हंगामा, लेट एंट्री पर रोक से भड़के अभिभावक, पुलिस को संभालनी पड़ी स्थिति
- Reporter 12
- 02 Feb, 2026
सीवान: बिहार बोर्ड इंटरमीडिएट परीक्षा की शुरुआत सोमवार से हो गई, वहीं पहले ही दिन सीवान जिले के एक परीक्षा केंद्र पर व्यवस्था को लेकर विवाद सामने आया। जिले में इंटर परीक्षा के लिए कुल 53 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहां नकलमुक्त और शांतिपूर्ण परीक्षा संचालन को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया।इसी बीच डीएवी हाई स्कूल स्थित परीक्षा केंद्र पर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब निर्धारित समय के बाद पहुंचने वाले परीक्षार्थियों को प्रवेश देने से रोक दिया गया। प्रवेश से वंचित छात्राओं और उनके अभिभावकों ने इसका विरोध शुरू कर दिया, जो कुछ ही देर में हंगामे में तब्दील हो गया।अभिभावकों का कहना था कि सिसवन ढाला बंद होने और स्टेशन रोड पर भीषण जाम की वजह से वे समय पर परीक्षा केंद्र नहीं पहुंच सके। उनका आरोप था कि इसी दौरान एक शिक्षिका को देर से पहुंचने के बावजूद अंदर जाने दिया गया, जबकि छात्राओं को बाहर रोका गया, जिससे भेदभाव का आरोप लगाते हुए लोग आक्रोशित हो गए।गुस्साए लोगों ने परीक्षा केंद्र का गेट धक्का देकर खोलने की कोशिश की और जबरन छात्राओं को अंदर प्रवेश कराने का प्रयास किया। कुछ समय तक परीक्षा केंद्र के बाहर तनावपूर्ण माहौल बना रहा। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और हल्का बल प्रयोग कर स्थिति को नियंत्रित किया।इसके अलावा जिले के दो अन्य परीक्षा केंद्रों पर भी देर से पहुंचने वाली शिक्षिकाओं के प्रवेश को लेकर विरोध दर्ज कराया गया, जिससे कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया।हालांकि प्रशासन ने स्पष्ट किया कि बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के नियमों के तहत निर्धारित समय के बाद किसी भी परीक्षार्थी को प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाती है। साथ ही जबरन या अवैध रूप से परीक्षा केंद्र में प्रवेश करने पर दो वर्षों तक परीक्षा से वंचित किए जाने और प्राथमिकी दर्ज करने का प्रावधान है।प्रशासन ने चेतावनी दी है कि परीक्षा की पवित्रता भंग करने वाली किसी भी गतिविधि पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कड़े इंतजाम किए गए हैं। सभी केंद्रों के प्रवेश द्वार पर सघन जांच के बाद ही परीक्षार्थियों को अंदर जाने दिया जा रहा है। मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच, ब्लूटूथ सहित किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। महिला परीक्षार्थियों की जांच महिला कर्मियों और पुरुष परीक्षार्थियों की जांच पुरुष सुरक्षाकर्मियों द्वारा की जा रही है। पुलिस बल की तैनाती के साथ जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग के अधिकारी लगातार परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण कर रहे हैं।
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